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मलेरिया के कारण, लकà¥à¤·à¤£ और उपचार
मलेरिया à¤à¤• वाहक जनित संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• रोग होता है। यह सबसे पà¥à¤°à¤šà¤²à¤¿à¤¤ संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• रोगों में से à¤à¤• है। पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• वरà¥à¤· यह विशà¥à¤µ में 51.5 करोड़ लोगों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है तथा 10 से 30 लाख लोगों की मृतà¥à¤¯à¥ का कारण बनता है। यह रोग à¤à¥‚मधà¥à¤¯ रेखा के आस-पास उषà¥à¤£à¤•टिबंधीय (Tropical) और उपोषà¥à¤£à¤•टिबंधीय (Subtropical) कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में पाया जाता है जिसमें अफà¥à¤°à¥€à¤•ा और à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾ के जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° देश शामिल हैं। à¤à¤¾à¤°à¤¤ में यह रोग पूरे वरà¥à¤· रहता है हालांकि मचà¥à¤›à¤° पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ के कारण बारिश के दौरान और बारिश के बाद यह रोग अधिक लोगों को होता है। विशà¥à¤µ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संगठन (W.H.O) के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° दकà¥à¤·à¤¿à¤£ पूरà¥à¤µ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾ में कà¥à¤² मलेरिया के मामलों में से 77 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ मामले à¤à¤¾à¤°à¤¤ में हैं। यह रोग मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨, गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤, करà¥à¤¨à¤¾à¤Ÿà¤•, गोवा, दकà¥à¤·à¤¿à¤£à¥€ मधà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶, छतà¥à¤¤à¥€à¤¸à¤—ढ़, à¤à¤¾à¤°à¤–ंड, ओडिशा और पूरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° राजà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में पà¥à¤°à¤šà¤²à¤¿à¤¤ है। यह à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ रोग है जिसमें रोगी को सरà¥à¤¦à¥€ और सिरदरà¥à¤¦ के साथ बार-बार बà¥à¤–ार आता है, बà¥à¤–ार कà¤à¥€ कम हो जाता है और कà¤à¥€ दोबारा आ जाता है तथा गंà¤à¥€à¤° मामलों में रोगी कोमा में चला जाता है और उसकी मृतà¥à¤¯à¥ तक हो जाती है।
मलेरिया कà¥à¤¯à¤¾ होता है? (What is Malaria?)
आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में मलेरिया को विषम
जà¥à¤µà¤° कहा गया है। इसमें वात, पितà¥à¤¤ à¤à¤µà¤‚ कफ तीनों दोष ही असंतà¥à¤²à¤¿à¤¤ होकर बà¥à¤–ार के साथ विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को दिखाते हैं परनà¥à¤¤à¥ इसमें मà¥à¤–à¥à¤¯à¤¤ पितà¥à¤¤ दोष की अहमॠà¤à¥‚मिका होती है। विषम जà¥à¤µà¤° में बà¥à¤–ार आता जाता रहता है। कà¤à¥€ दिन में बैठे-बैठे ही, कà¤à¥€ à¤à¤• दिन छोड़कर तो कà¤à¥€ दो दिन बाद, कà¤à¥€ हलà¥à¤•ा तो कà¤à¥€ बहà¥à¤¤ तेज, बà¥à¤–ार में बहà¥à¤¤ ठणà¥à¤¡ लगने के साथ कंपकंपी होती है। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में विषम जà¥à¤µà¤° पाà¤à¤š पà¥à¤°à¤•ार का माना गया है जो इस इस पà¥à¤°à¤•ार है-
सनà¥à¤¤à¤¤- यह बà¥à¤–ार 7 से 10 दिन या 12 दिन तक लगातार बना रहता है।
सतत-यह दिन रात में दो बार चढ़ने वाला बà¥à¤–ार है। यह दिन में दो बार या रात में दो बार या दिन में à¤à¤• बार आता है।
अनà¥à¤¯à¥‡à¤¦à¥à¤¯à¥à¤·à¥à¤•- इस बà¥à¤–ार को à¤à¤•ादà¥à¤µà¤¿à¤• या इकतरा à¤à¥€ कहते हैं। यह दिन-रात में à¤à¤• बार आता है।
तृतीयक- यह à¤à¤• दिन छोड़कर हर तीसरे दिन आने वाला बà¥à¤–ार है।
चातà¥à¤°à¥à¤¥à¤¿à¤•- यह रात में आने वाला बà¥à¤–ार है, इसे रातà¥à¤°à¤¿à¤œà¥à¤µà¤° à¤à¥€ कहते हैं।
जब à¤à¤• संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ मचà¥à¤›à¤° मानव को काटता है तो बीजाणॠ(Sporozoites) मानव रकà¥à¤¤ में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ कर यकृत (Liver) में पहà¥à¤‚चते हैं और शरीर में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करने के लगà¤à¤— 30 मिनट के à¤à¥€à¤¤à¤° यकृत की कोशिकाओं को संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ कर देते हैं फिर यह यकृत में अलैंगिक जनन करने लगते हैं यानि वहीं अंडा देकर और à¤à¥€ अंशाणॠपैदा करने लगते हैं। यह चरण 6 से 15 दिन चलता है तथा इससे हजारों अंशाणॠ(Merozoites) बनते हैं जो अपनी कोशिकाओं को तोड़ कर रकà¥à¤¤ में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ कर जाते हैं तथा लाल रकà¥à¤¤ कोशिकाओं को संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ करना शà¥à¤°à¥‚ कर देते हैं। यहां से रोग का दूसरा चरण शà¥à¤°à¥‚ होता है। पà¥à¤²à¤¾à¤¸à¤®à¥‹à¤¡à¤¿à¤¯à¤® विवाकà¥à¤¸ (Plasmodium vivax) और पà¥à¤²à¤¾à¤¸à¤®à¥‹à¤¡à¤¿à¤¯à¤® ओवà¥à¤¯à¥à¤² (Plasmodium ovale) के कà¥à¤› बीजाणॠयकृत (लीवर) को ही संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ कर के रà¥à¤• जाते हैं और सà¥à¤ªà¥à¤¤ अवसà¥à¤¥à¤¾ में रह जाते हैं यानि निकà¥à¤°à¤¿à¤¯ जैसा पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤¤ होते हैं। ये 6 से 12 मास तक निकà¥à¤°à¤¿à¤¯ रहकर फिर अचानक सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ होने लगते हैं। लाल रकà¥à¤¤ कोशिका में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करके ये परजीवी खà¥à¤¦ को फिर से गà¥à¤£à¤¿à¤¤ करते रहते हैं, इस तरह à¤à¤¸à¥‡ कई चरण चलते रहते हैं। हजारों अंशाणॠजब à¤à¤• साथ नई लाल रकà¥à¤¤ कोशिकाओं को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करते हैं तो मलेरिया में बà¥à¤–ार के दौरे आते हैं। मलेरिया परजीवी अपना लगà¤à¤— पूरा जीवन यकृत की कोशिकाओं या लाल रकà¥à¤¤ कोशिकाओं में छà¥à¤ª कर बिताते हैं इसलिठमानव शरीर के पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ तंतà¥à¤° से बच जाते हैं। कà¥à¤› अंशाणॠनर-मादा जननाणà¥à¤“ं में बदल जाते हैं और जब मचà¥à¤›à¤° काटता है तो रकà¥à¤¤ के साथ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¥€ ले जाता है।
मलेरिया कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होता है? (Causes of Malaria)
अà¤à¥€ तक के चरà¥à¤šà¤¾ से आपको पता चल ही गया होगा कि मलेरिया होता कैसे हैं। चलिये अब बात करते हैं कि मलेरिया कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होता है? मलेरिया à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार के परजीवी (Parasite) के कारण होता है जिसे पà¥à¤²à¤¾à¤œà¤¼à¤®à¥‹à¤¡à¤¿à¤¯à¤® (Plasmodium) कहा जाता है। पà¥à¤²à¤¾à¤œà¤¼à¤®à¥‹à¤¡à¤¿à¤¯à¤® पैरासाइट (Plasmodium parasite) के पांच पà¥à¤°à¤•ारों की वजह से ही हमारे शरीर में मलेरिया फैलता है और इनमें से मà¥à¤–à¥à¤¯à¤¤: तीन पà¥à¤°à¤•ार जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° मलेरिया के मामलों में उतà¥à¤¤à¤°à¤¦à¤¾à¤¯à¥€ होते हैं जो इस पà¥à¤°à¤•ार हैं-
पà¥à¤²à¤¾à¤œà¤¼à¤®à¥‹à¤¡à¤¯à¤® फालà¥à¤¸à¥€à¤ªà¥ˆà¤°à¤® (Plasmodium falciparum)– यह सबसे आम पà¥à¤°à¤•ार का मलेरिया परजीवी है और दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में अधिकांशत मलेरिया रोगी की मौत पà¥à¤²à¤¾à¤œà¤¼à¤®à¥‹à¤¡à¤¯à¤® फालà¥à¤¸à¥€à¤ªà¥ˆà¤°à¤® (Plasmodium falciparum) परजीवी के कारण ही होती है।
पà¥à¤²à¤¾à¤œà¤¼à¤®à¥‹à¤¡à¤¯à¤® विवाकà¥à¤¸ (Plasmodium Vivax)– यह परजीवी पà¥à¤²à¤¾à¤œà¤¼à¤®à¥‹à¤¡à¤¯à¤® फालà¥à¤¸à¥€à¤ªà¥ˆà¤°à¤® (Plasmodium falciparum) की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में मलेरिया के हलà¥à¤•े लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ का कारण बनता है लेकिन यह तीन साल तक लीवर में रह सकता है और इसके परिणाम सà¥à¤µà¤°à¥‚प फिर से यह रोग हो सकता है।
पà¥à¤²à¤¾à¤œà¤¼à¤®à¥‹à¤¡à¤¯à¤® ओवà¥à¤¯à¥à¤² (Plasmodium Ovale)- यह परजीवी असामानà¥à¤¯ है तथा आमतौर पर पशà¥à¤šà¤¿à¤® अफà¥à¤°à¥€à¤•ा में पाया जाता है। यह मलेरिया के कोई लकà¥à¤·à¤£ दिखाठबिना ही कई वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ तक वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के लीवर में रह सकता है।
मलेरिया के लकà¥à¤·à¤£ (Symptoms of Malaria)
मलेरिया में बà¥à¤–ार होने के अलावा और à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ होते हैं जो दूसरे बà¥à¤–ार के समान होने के कारण अंतर करना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो जाता है। मलेरिया का बà¥à¤–ार सामानà¥à¤¯ बà¥à¤–ार से अलग होता है, इसमें रोगी को पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ या à¤à¤• दिन छोड़कर बहà¥à¤¤ तेज बà¥à¤–ार आता है-
-ठणà¥à¤¡ लगना और काà¤à¤ªà¤¨à¤¾à¥¤
–जोड़ों में दरà¥à¤¦à¥¤
–उलà¥à¤Ÿà¥€ होना या जी मिचलाना।
-शरीर में खून की कमी।
-मूतà¥à¤° में खून आना।
-दौरे पड़ना।
–सिर दरà¥à¤¦
-मांसपेशियों में दरà¥à¤¦
–डायरिया होना।
मलेरिया होने पर कषà¥à¤Ÿ से राहत पाने के उपाय
मलेरिया होने पर उसके कषà¥à¤Ÿ से राहत पाने के लिठजीवनशैली और आहार में बदलाव लाना ज़रूरी होता है-
आहार –
-चाय में तà¥à¤²à¤¸à¥€ के पतà¥à¤¤à¥‡, काली मिरà¥à¤š, दालचीनी और अदरक डाल कर पिà¤à¤‚।
-फलों में सेब, अमरूद, पपीता, चीकू आदि का सेवन करें। (चीकू के फायदे)
-दाल-चावल की खिचड़ी, दलिया, साबà¥à¤¦à¤¾à¤¨à¤¾ का सेवन करें। यह पचने में आसान तथा पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• होते हैं।
-रसीले फलों के साथ-साथ अंकà¥à¤°à¤¿à¤¤ बीज, अनाज और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ खानी चाहिà¤à¥¤
-मलेरिया के रोगी को अधिक से अधिक तरल पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन करना चाहिà¤à¥¤
-सादा और हलà¥à¤•ा à¤à¥‹à¤œà¤¨ करना चाहिठजिसमें हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, उबले हà¥à¤ चावल और आराम से पचने वाली चीजें हो। सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के सूप का à¤à¥€ सेवन करना चाहिà¤à¥¤
-सà¥à¤¬à¤¹-सà¥à¤¬à¤¹ à¤à¤• गिलास गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी के साथ आधा नींबू और à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š शहद मिला कर पीना चाहिà¤à¥¤
-नाशà¥à¤¤à¥‡ के समय ताजा फल; à¤à¤• कप दूध में शहद मिलाकर पिà¤à¤à¥¤ दिन के à¤à¥‹à¤œà¤¨ में à¤à¤• कटोरी उबली हà¥à¤ˆ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤, गेहूà¤, छाछ आदि का सेवन करें। रात के à¤à¥‹à¤œà¤¨ में à¤à¤• कटोरी सलाद तथा उबली हà¥à¤ˆ दाल लें।
-फलों में आम, अनार, लीची, अनानास और संतरा आदि खटà¥à¤Ÿà¥‡ फल न खाà¤à¤‚।
-दही, शिकंजी, गाजर, मूली आदि न खाà¤à¤‚।
-मिरà¥à¤š-मसालेयà¥à¤•à¥à¤¤, अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• तैलीय à¤à¥‹à¤œà¤¨ à¤à¤µà¤‚ अमà¥à¤² रस से बने खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को न खाà¤à¤‚।
जीवनशैली
-रोगी के आस-पास अधिक से अधिक सफाई रखें। कहीं पर à¤à¥€ पानी लंबे समय तक इकटà¥à¤ ा नहीं रहने देना चाहिà¤à¥¤
-रोगी के कमरे में पंखा, कूलर या à¤.सी. नहीं चलाना चाहिà¤à¥¤
-मलेरिया में बà¥à¤–ार आने पर रोगी को बहà¥à¤¤ तेज सरà¥à¤¦à¥€ लगती है, इसलिठरोगी को हमेशा पूरे ढके हà¥à¤ और गरà¥à¤® कपड़े पहनने चाहिà¤à¥¤
-ठणà¥à¤¡à¤¾ पानी न पिà¤à¤‚ तथा ठणà¥à¤¡à¥€ चीजों को न खाà¤à¤‚।
-ठणà¥à¤¡à¥‡ पानी से न नहाà¤à¤‚।
-रोगी के कमरे में à¤.सी. न चलाà¤à¤‚।
मलेरिया का घरेलू उपचार
आम तौर पर मलेरिया के बà¥à¤–ार के परेशानी से निजात पाने के लिठसबसे पहले घरेलू नà¥à¤¸à¥à¤–़ों को ही अपनाया जाता है। यहां हम पतंजली के विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पारित कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ घरेलू उपायों के बारे में बात करेंगे जिनके पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— से बà¥à¤–ार को कम किया जा सकता है।
मलेरिया से राहत पाने में तà¥à¤²à¤¸à¥€ के फायदे
10 गà¥à¤°à¤¾à¤® तà¥à¤²à¤¸à¥€ के पतà¥à¤¤à¥‡ और 7-8 काली मिरà¥à¤š के दाने लेकर पानी में पीस लें और इसमें थोड़ा शहद मिला लें। सà¥à¤¬à¤¹ और शाम इसका सेवन करने से बà¥à¤–ार में आराम मिलता है।
मलेरिया से राहत दिलाने में अदरक और किशमिश के फायदे (Ginger and Raisin Beneficial for Malaria in Hindi)
à¤à¤• छोटा टà¥à¤•ड़ा अदरक और 2 चमà¥à¤®à¤š किशमिश à¤à¤• गिलास पानी में डाल कर उबालें, जब यह उबल कर आधा रह जाठतब इसे गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ करके दिन में दो बार लें। यह बà¥à¤–ार को कम करने में मदद करता है।
मलेरिया से राहत पाने में हरसिंगार के फायदे (Benefit of Night Jasmine to Get Relief from Malaria in Hindi)
हरसिंगार के 2-3 पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ को अदरक के रस के साथ पीस लें और इसमें थोड़ी-सा शकà¥à¤•र मिलाकर दिन में à¤à¤• बार सेवन करें।
मलेरिया से राहत पाने में नीम के फायदे (Neem Beneficial for Malaria in Hindi)
2-3 नीम के पतà¥à¤¤à¥‡ और चार काली मिरà¥à¤š लेकर à¤à¤• साथ पीस लें फिर इसे थोड़े से पानी में मिलाकर उबाल लें। गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ होने पर इसे छान कर पी लें।
मलेरिया से राहत पाने में गिलोय के फायदे (Benefit of Giloy to Get Relief from Malaria in Hindi)
40 गà¥à¤°à¤¾à¤® गिलोय को कà¥à¤šà¤²à¤•र मिटà¥à¤Ÿà¥€ के बरà¥à¤¤à¤¨ में पानी मिलाकर रात à¤à¤° ढक कर रख दें। सà¥à¤¬à¤¹ इसे मसलकर छानकर रोगी को दिन में तीन बार पीने के लिये दें।
मलेरिया से राहत पाने में हरà¥à¤¬à¤² चाय के फायदे (Herbal Tea Beneficial for Malaria in Hindi)
नियमित रूप से हरà¥à¤¬à¤² चाय का सेवन करें। इमली डालकर बनाई गई हरà¥à¤¬à¤² चाय मलेरिया के लकà¥à¤·à¤£ जैसे बà¥à¤–ार और सिरदरà¥à¤¦ को कम करने में मदद करते हैं।
मलेरिया से राहत पाने में मेथी के फायदे (Benefits of Fenugreek to Get Relief from Malaria in Hindi)
मेथी का बीज बà¥à¤–ार के कारण आई कमजोरी से निपटने का सबसे अचà¥à¤›à¤¾ उपाय है साथ ही यह वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ को बढ़ाकर मलेरिया के उपचार में मदद करता है।
मलेरिया से राहत पाने में दालचीनी के फायदे (Cinnamon Beneficial for Malaria in Hindi)
-चाय में दालचीनी डालकर पिà¤à¤‚। दालचीनी में à¤à¤• शकà¥à¤¤à¤¿à¤¶à¤¾à¤²à¥€ जैविक घटक सिनामेलडिहाइड (Cinnamaldehyde) पाया जाता है जिसमें à¤à¤‚टी-इंफà¥à¤²à¥ˆà¤®à¤Ÿà¥‹à¤°à¥€ (Anti–inflammatory) गà¥à¤£ होते हैं और यह मलेरिया के बà¥à¤–ार और बदन दरà¥à¤¦ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को कम करने में मदद करता है।
-à¤à¤• गà¥à¤²à¤¾à¤¸ गरà¥à¤® पानी में 5 गà¥à¤°à¤¾à¤® चिरायता, 2-3 लौंग और आधा चमà¥à¤®à¤š दालचीनी पाउडर मिलाà¤à¤‚। इसे मिलाकर पीने से मलेरिया में होने वाला बà¥à¤–ार उतरने लगता है।
मलेरिया से राहत पाने में पà¥à¤¯à¤¾à¤œ के रस के फायदे (Benefit of Onion Juice to Get Relief from Malaria in Hindi)
5 मि.ली. पà¥à¤¯à¤¾à¤œ के रस में चार काली मिरà¥à¤š को पीसकर मिलाकर दिन में तीन बार पीने से लाठमिलता है।
मलेरिया से राहत पाने में फिटकरी के फायदे (Benefit of Alum to Get Relief from Malaria in Hindi)
थोड़ी-सी फिटकरी तवे पर à¤à¥‚नकर चूरà¥à¤£ बना लें। आधा चमà¥à¤®à¤š पाउडर बà¥à¤–ार आने के तीन घंटे पहले पानी से पिà¤à¤‚। इसके बाद हर दूसरे घंटे पर यह दवा लेते रहने से बà¥à¤–ार आने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ कम हो जाती है।
मलेरिया से राहत पाने में à¤à¥‚ना नमक के फायदे (Roasted Salt Beneficial for Malaria in Hindi)
सादा खाने का नमक पीसकर तवे पर इतना सेंके कि उसका रंग काला, à¤à¥‚रा (कॉफी के समान) हो जाà¤à¤à¥¤ ठणà¥à¤¡à¤¼à¤¾ होने पर शीशी में à¤à¤° लें। जà¥à¤µà¤° (बà¥à¤–ार) आने से पहले 6 गà¥à¤°à¤¾. à¤à¥à¤¨à¤¾ नमक 1 गà¥à¤²à¤¾à¤¸ गरà¥à¤® पानी में मिलाकर लें तथा जà¥à¤µà¤° उतर जाने पर à¤à¥€ 6 गà¥à¤°à¤¾. à¤à¥à¤¨à¤¾ नमक गरà¥à¤® पानी के साथ सेवन जरूर करें। इन दो खà¥à¤°à¤¾à¤•ों को लेने से निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ रूप से बà¥à¤–ार उतर जाà¤à¤—ा।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास कब जाना चाहिठ? (When to See a Doctor?)
मलेरिया में रोगी को बहà¥à¤¤ तेज बà¥à¤–ार आता है साथ ही शरीर में कंपकंपी à¤à¥€ होती है। मलेरिया में आने वाला बà¥à¤–ार सामानà¥à¤¯ बà¥à¤–ार से अलग होता है। इसमें à¤à¤• दिन छोड़कर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को बà¥à¤–ार आता है साथ ही सिर दरà¥à¤¦, जी मिचलाना या उलà¥à¤Ÿà¥€ होना जैसे लकà¥à¤·à¤£ दिखाई देते हैं। इस तरह की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जाकर रकà¥à¤¤ परीकà¥à¤·à¤£ तथा अनà¥à¤¯ जाà¤à¤š करानी चाहिठताकि रोग की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ होकर उपचार शà¥à¤°à¥‚ किया जाà¤à¥¤
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